MP बोर्ड परीक्षा: कुछ मिनट लेट पहुंचा छात्र, परीक्षा से वंचित

Tue 10-Feb-2026,12:11 PM IST +05:30

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MP बोर्ड परीक्षा: कुछ मिनट लेट पहुंचा छात्र, परीक्षा से वंचित MP-Board-Exam-Student-Denied-Entry-Datia
  • मध्यप्रदेश बोर्ड परीक्षा में दतिया जिले के पिपरौआ कला केंद्र पर कुछ मिनट देरी से पहुंचे छात्र को परीक्षा में बैठने से रोका गया

  • प्रशासनिक सख्ती और मानवीय दृष्टिकोण के अभाव पर उठे सवाल, परीक्षा व्यवस्था को लेकर बहस तेज

Madhya Pradesh / Datia :

Datiya/ मध्यप्रदेश बोर्ड परीक्षा के दौरान दतिया जिले से एक भावनात्मक और संवेदनशील मामला सामने आया है। भांडेर ब्लॉक के पिपरौआ कला परीक्षा केंद्र पर समय से कुछ मिनट की देरी से पहुंचे एक छात्र को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गई। प्रशासनिक सख्ती के चलते छात्र और उसके परिजन निराश होकर लौटने को मजबूर हो गए। इस घटना ने परीक्षा व्यवस्था की मानवीयता और नियमों के लचीलेपन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

परीक्षा केंद्र पर रोका गया छात्र

जानकारी के अनुसार छात्र अनमोल निर्धारित समय से कुछ मिनट देरी से परीक्षा केंद्र पहुंचा था। बताया जा रहा है कि वह पेपर वितरण शुरू होने से पहले ही केंद्र पर पहुंच गया था, लेकिन प्रवेश समय समाप्त होने का हवाला देते हुए मौके पर मौजूद एसडीएम ने उसे परीक्षा केंद्र में प्रवेश देने से साफ इनकार कर दिया। छात्र और उसके परिजनों ने अधिकारियों से काफी अनुरोध किया, लेकिन प्रशासन ने किसी भी तरह की छूट देने से मना कर दिया।

20 किलोमीटर दूर से आया था परीक्षा देने

परिजनों के मुताबिक छात्र का परीक्षा केंद्र उसके निवास स्थान से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित था। सुबह के समय परिवहन और दूरी के कारण वह कुछ मिनट लेट पहुंचा। इसके बावजूद प्रशासन ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाने के बजाय नियमों का कड़ाई से पालन किया। परीक्षा से वंचित होने के बाद छात्र मानसिक रूप से टूट गया और परिजनों में भी गहरा आक्रोश देखा गया।

प्रशासनिक सख्ती पर उठे सवाल

घटना के बाद स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने प्रशासनिक फैसले पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि छात्र पेपर वितरण से पहले केंद्र पर पहुंच गया था, तो उसे परीक्षा में बैठने का अवसर दिया जाना चाहिए था। कई लोगों ने इसे नियमों की कठोर व्याख्या बताते हुए छात्रों के भविष्य के प्रति असंवेदनशील रवैया करार दिया।

शिक्षा व्यवस्था पर बहस तेज

मामला सामने आने के बाद शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा संचालन में मानवीय पहलू को लेकर बहस तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण अवसरों में नियमों के साथ-साथ परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए, ताकि किसी छात्र का भविष्य केवल कुछ मिनट की देरी की वजह से प्रभावित न हो।